Ceiling Fan के coil की binding के लिए जरूरी औजारों के लिस्ट



यदि आप बेरोजगार हैं और आपमें जरा सा भी हुनर है तो आप electronics के कुछ काम करके अच्छी earning कर सकते हैं। उन्हीं कामों में से एक काम है पंखे के coil की binding करना। Electronics में बिना किसी ज्यादा technical जानकारी के ज्यादा रूपये कमाने का ये एक बहुत ही अच्छा साधन है। ये बात बिल्कुल सही है कि आप बिना किसी ज्यादा electronics kwoledge के भी पंखे के binding का काम बहुत ही अच्छे तरीके से कर सकते हैं।


लेकिन इसके लिए आपको कुछ tools ( औजारों ) की जरूरत पड़ेगी। जब भी आप ये काम करना start कर दें तो ऐसा न हो कि आपके पास कोई जरूरी औजार न हो जिस वजह से काम को बीच में ही छोड़ना पड़ जाए। ऐसे में आपका बहुत कीमती समय बर्बाद हो सकता है। तो इसीलिए चलिए, सबसे पहले ceiling fan के binding में इस्तेमाल होने वाले सारे tools के बारे में जान लेते हैं जो binding करते वक़्त आपके पास मौजूद होना अनिवार्य है।


👤 Ceiling Fan के coil की binding करते समय ये औजार रखें अपने पास.

1 ≫ Hexa Blade या cutter ⇢ सबसे पहले पंखे से जले हुए coil को निकाला जायेगा। इसके लिए hexa blade या cutter वाले पिलाश का इस्तेमाल किया जा सकता है।




2 ≫ Binding Stand ⇢ Ceiling fan के binding में सबसे महत्त्वपूर्ण औजार होता है stand. इसी stand में पंखे के कोर को कस दिया जाता है। पंखे के जिस part में coil की binding किया जाता है उसे कोर कहा जा सकता है। यदि आप बिना stand के binding का काम करेंगे तो भी कर लेंगे लेकिन stand पर काम करने की तुलना में आपका काम बहुत ही कमजोर और कठिन होगा और साथ ही इसमें ज्यादा time खपत होगा। जबकि stand पर binding करने से आपका कम समय lose होगा और binding की quality भी बहुत ही best होगी।

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दूसरी बात ये कि ये stand आपको market में कहीं नहीं मिलेगी। ये आपको आपके सुविधानुसार किसी लोहे के bailding करने वाले लुहार से बनवाना पड़ेगा। इसकी कीमत 200 रूपये से लेकर 700 रूपये तक पड़ सकता है।

3 ≫ पेचकश और पिलाश ⇢ पंखे के सारे नट-बोल्ट्स को और पंखे को पूरी तरह से खोलने के लिए कुछ ख़ास तरह के पेचकश और पिलाश की जरूरत पड़ेगी। साथ ही electronics के कामों के लिए ये आपके पास होना बहुत ही जरूरी है।

4 ≫ DC Tester या multimeter ⇢ पंखे के coil की shorting और उसके जले हुए की checking और capasitor की checking करने के लिए आपके पास या तो एक DC tester या फिर एक multimeter जरूर होनी चाहिए। एक मल्टीमीटर की कीमत 150 रूपये से 1000 रूपये तक हो सकती है। जबकि dc tester की कीमत 15 रूपये से लेकर 50 रूपये तक होती है। यदि आप सिर्फ पंखे का ही  काम करते हैं तो dc tester भी आपके लिए सही काम कर सकता है और आप इसे भी खरीद सकते हैं।

5 ≫ Barring puller ⇢ Ceiling fan में 2 बैरिंग होते हैं। एक barring ऊपर होता है और एक नीचे होता है। बहुत बार जब पंखे की binding किया जाता है तब उसका barring भी बहुत कमजोर हो चुका होता है। ऐसे में उस barring को change करने की नौबत आ जाती है। ऊपर वाला बैरिंग तो ऐसे ही बदला जा सकता है लेकिन नीचे वाले warring को बदलने के लिए barring puller की जरूरत पड़ती है। एक barring puller की कीमत 200 रूपये तक पड़ सकती है।

6 ≫ Copper coil ⇢ इसके बारे में तो बताने की जरूरत ही नहीं है। एक ceiling fan में 250 ग्राम से लेकर 350 ग्राम तक copper coil की खपत हो सकती है। एक और इस बात का ध्यान रहे कि आप जब भी binding का काम करें तो सिर्फ-और-सिर्फ copper ( तांबा ) के coil से ही करें, aluminium ( एल्युमीनियम ) के coil का इस्तेमाल कदापि न करें। हालांकि aluminium के coil की कीमत copper के मुकाबले कम होती है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि आपके customers आपको कॉपर के coil के लिए भुगतान करते हैं।

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7 ≫ Tissue paper ⇢ Binding का काम बिना tissue paper के संभव ही नहीं है। आप तो जानते ही होंगे कि coil बहुत ही पतले होते हैं। लेकिन साथ-ही-साथ इनपर insulating ( इंसुलेटिंग ) भी की हुयी होती हैं जिससे कि इनके ऊपरी सतह से current पास नहीं होते हैं। लेकिन पंखे के जो core ( कोर ) होते हैं वो बहुत ही धारदार होते हैं और यदि इनपर बिना पेपर दिए ही बाइंडिंग करेंगे तो coils के ऊपरी सतह छिल जायेंगे और वहां से भी पास करने लगेंगे जिससे कि क्वाइल में shorting उत्पन्न हो जाएगी और वो गर्म होकर जल जाएगा। साथ ही सा पंखे current के cabinet में भी current पास होने लगेंगे जिससे कि उसे छूने पर हमें झटके लग सकते हैं। 

सबसे important बात ये कि आप बिना इस paper के binding कर ही नहीं सकते क्योंकि पंखे के कोर के अंदर इसी पेपर पर से सरकते हुए coil फिट होते हैं। इसके लिए आप कोई local पेपर का भी इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। Market में इसके लिए अलग से पेपर आते हैं। हमारे यहाँ अधिकांश green और white paper चलन में हैं लेकिन आपके यहाँ दूसरे भी हो सकते हैं। साथ ही यदि आप चाहें तो इस paper के बदले plastic ( प्लास्टिक ) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो कि आपको coil वाले दुकान में ही मिल जाते हैं। एक बार आप करीब 50 रूपये का पेपर या प्लास्टिक ले लेते हैं तो लगभग 10 पंखे में आराम से बाइंडिंग कर सकते हैं।

8 ≫ Scale और pencil ⇢ Tissue paper को काटने से पहले scale से उसकी लम्बाई को नापकर फिर pencil से उसपर निशान बना बनाना पड़ता है। यदि बिना लम्बाई को मापे सीधे ही paper / plastic को काट दिया जायेगा तो उस binding की quality बहुत ही बेकार मानी जाएगी। 

9 ≫ कैंची ⇢ Tissue Paper / plastic को काटने के लिए कैंची की जरूरत पड़ती है।

10 ≫ माचिस या लाइटर ⇢ जब binding का काम पूरा हो जाता है तब coil को छीलने के लिए उसे थोडा सा heat किया जाता है जिससे उसके ऊपर लगा हुआ plastic cover पिघल जाता है और coil का उपरी परत सुचालक बन जाता है जिसपर connection wire को जोड़ा जाता है।

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11 ≫ Blade ⇢ Coil को छीलने के लिए blade का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। और साथ ही इसका इस्तेमाल और भी छोटे-मोटे कामों में होता है।

12 ≫ Wire ⇢ जब binding पूरा हो जायेगा तब उससे connection के लिए 4 wire बाहर निकाला जायेगा। इसमें करीब 1 मीटर wire की जरूरत पड़ती है।

13 ≫ Slib ⇢ Coil और Wire के connection को मजबूत बनाने के लिए और उसे ढंकने के लिए स्लिब की जरूरत पड़ती है। इसे wire cover भी कहा जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये होती है कि ये heat-proof होता है और गर्म होने पर भी नहीं जलता है।

14 ≫ धागा ⇢ Ceiling fan में 2 level पर binding किया जाता है। ऊपर और नीचे 14 - 14 खानों में coil की binding की जाती है। Binding करने के बाद उन सारे खानों के coil को बिखरने से बचाने के लिए उसे धागे से बांधना पड़ता है। साथ ही जब इससे connection wire निकाला जाता है तब बाद में उसे भी टूटने से बचाने के लिए धागे से कसकर बाँध दिया जाता है।

15 ≫ मोबिल या गिरिश ⇢ जब भी पंखे की binding की जाती है तब उसके barrings और moving points को फ्री और जाम रहित करने के लिए मोबिल या गिरिश की जरूरत पड़ती है।

16 ≫ Warnish ( वार्निश ) ⇢ जब पंखे की binding पूरी हो जाती है और उससे connection wire निकाल दिया जाता है तब सबसे लास्ट में उसके coils पर वार्निश का लेप किया जाता है। ऐसा करने से पंखा चलते समय coil कम गर्म होता है और सारा coil आपस में एक-जुट होकर बंधा हुआ भी रहता है।

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7 comments

nice.... kon sa theme use karte ho paid ya free

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