Electric Press iron क्या है और ये कितने तरह का होता है ?


 नमस्कार दोस्तों, मैं आपका दोस्त आनंद कुमार एक बार फिर से लाया हूँ आपके लिए एक और जानकारी और ज्ञान से भरा हुआ पोस्ट। दोस्तों, प्रेस आयरन के बारे में तो आपलोग जानते ही होंगे और इसके खूबियों से तो आप परिचित ही होंगे। नहीं, तो भी घबराने की कोई बात नहीं है। यहाँ मैं आपलोगों को एक-एकं करके सारी जानकारी दूंगा। तो दोस्तों, आज मुख्य रूप से मैं प्रेस आयरन से सम्बंधित सारी जानकारियाँ और सुरक्षा सम्बन्धी बातें शेयर करने वाला हूँ। और मुझे पूरा विश्वास है कि आपको ये पोस्ट जरूर पसंद आएगा इसीलिए इसे लास्ट तक जरूर पढ़ें।





👉 दोस्तों, सबसे पहले तो मैं यहाँ पर आयरन की कुछ बेसिक बातों को बता देना चाहूँगा ताकि आपको ये पोस्ट आसानी से समझ में आ जाए तो दोस्तों, चलिए सबसे पहले जानते हैं कि आयरन क्या है और यह कितने प्रकार का होता है?

👉 आयरन क्या है?

 दोस्तों, हमलोगों को जीने के लिए मुख्य रूप से 3 चीजों की जरूरत पड़ती है- रोटी, कपड़ा और मकान की कुछ समय रोटी और मकान न भी मिले तो कुछ समय इनके बिना गुजारा जा सकता है लेकिन क्या आपने कभी किसी के बारे में सुना है कि फलां व्यक्ति को कोई दिन बिना कपड़ों के गुजारना पड़ा है! नहीं दोस्तों, मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूँ कि आपलोगों ने ऐसा कभी भी नहीं सुना होगा, क्योंकि कपड़े सिर्फ हमारे शरीर को ही नहीं ढंकते बल्कि इसी से हमारे इज्जत और प्रतिष्ठा बने रहते हैं कुछ समय के लिए फटे-पुराने कपड़े भी पहना जा सकता है लेकिन ऐसा नहीं हो सकता कि कुछ समय बिना कपड़ों के ही गुजरे तो दोस्तों, कपड़े तो अपने जीवन में सभी लोग ही खरीदते हैं और रंग-बिरंग के खरीदते हैं, लेकिन बहुत ही कम लोग ऐसे होते हैं जो कि इन्हें सुरक्षित रखने के बारे में सोचते होंगे जी हाँ दोस्तों, समय के साथ-साथ सभी चीजों में परिवर्तन आता है और सभी अच्छे चीज अपने अस्तित्व खोने लगते हैं और यही हमारे कपड़ों के साथ भी होता है समय के साथ-साथ हमारे कपड़े भी पुराने होने लगते हैं और धीरे-धीरे कमजोर होते चले जाते हैं और साथ ही उनपर तरह-तरह के कीट-पतंगे अपना डेरा जमाने लगते हैं जिससे कि वो समय से पहले ही खराब हो जाते हैं तो दोस्तों, हमारे वैज्ञानिकों ने हमारे इन समस्याओं का भी ऑलरेडी एक हल निकाला हुआ है हमारे इस समस्या के समाधान के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का आविष्कार किया गया है जिसे कि हमलोग प्रेस यानि कि आयरन के नाम से जानते हैं इनकी विशेषता ये है कि जब हम इन्हें बिजली बोर्ड से कनेक्ट करते हैं तब इसके अंदर लगा हुआ क्वाइल हीट यानि कि गर्म होने लगते हैं और इसका समतल परत इस तरह से हीट हो जाता है कि जब हम इसके हैंडल को पकड़कर इसे अपने कपडे पर चलते हैं तो हमारे ढीले-ढाले और विभिन्न तरह से ख़राब कपड़े एकदम से निखरने लग जाते हैं और चमक उठते हैं साथ ही यदि उसपर अच्छे से उस आयरन को चलाया जाये तो हमारे कपड़े बिलकुल ही नए जैसे दिखने लगते हैं और इससे उसकी लाइफ भी बढ़ जाती है

👉 आयरन कितने तरह के होते हैं और उनके विशेषताएं क्या हैं? 

    तो दोस्तों, चलिए अब विस्तार से जानते हैं कि ये कपड़े आयरन होते कितने तरह के हैं?

 ⇒ दोस्तों, कपड़े आयरन मुख्यतः 2 तरह के होते हैं


 नॉन-इलेक्ट्रॉनिक आयरन  ⇰  ये आयरन बिजली पर नहीं बल्कि कोयले पर इस्तेमाल किये जाते हैं इसका भीतरी भाग खोखला होता है जिसके अंदर कोयले को भरकर उसे जला दिया जाता है फिर जब कोयला ताव पकड़ लेता है तब इसे कपड़े पर चलाया जाता है इस आयरन के ऊपरी भाग से एक पाईपनुमा जगह छोड़ा हुआ होता है जिससे कि कोयले से निकलते धुंए बाहर निकलते हैं और कोयले को जलने के लिए आयरन के अंदर तक ऑक्सीजन प्रवेश करते रहते हैं

                 

    चूंकि ये आयरन कोयले पर काम करता है इसलिए इसकी हीटिंग सिर्फ-और-सिर्फ कोयले से उत्पन्न ताव पर निर्भर करता है जिसे कि लोग नियंत्रित नहीं कर सकते हैं और इसीलिए कहा जा सकता है कि इस आयरन के ताव को नियंत्रित नहीं किया जा सकता है जिस वजह से हमें इसके मदद से कपड़े को बहुत ही सावधानीपूर्वक प्रेस करने की जरूरत पड़ती है ताकि हमारे थोड़े-से गलती की वजह से हमारे कीमती कपड़े जल न जाएँ आमतौर पर सामान्य लोगों के लिए ये आयरन सही नहीं होते क्योंकि इसे सामान्य तरीके से पकड़ा भी नहीं जा सकता क्योंकि इसके हैंडल भी गर्म हो जाया करते हैं इसका इस्तेमाल सिर्फ उन्हीं जगह पर व्यवसायिक तौर पर किया जाता है जहाँ पर बिजली की दिक्कत होती है आमतौर पर इसे किसी भी दरजी या धोबी को इस्तेमाल करते हुए देखा जा सकता है 



 इलेक्ट्रॉनिक आयरन   ये आयरन बिजली पर काम करने वाले होते हैं एवं इनके ताव पूरी तरह से बिजली के वोल्टेज पर निर्भर करते हैं बिजली में जितने अधिक वोल्टेज होंगे, आयरन उतने ही गर्म होंगे साथ ही उनके क्वाइल के जलने के उतने ही ज्यादा संभावनाएं भी होंगे तो दोस्तों, काम के आधार पर ये आयरन भी 2 तरह के होते हैं 

 1  सिंपल आयरन  ➡  इस आयरन में एक ऑन-ऑफ स्विच लगी होती हैं प्रेस करते वक़्त जब भी कभी ये हमारे जरूरत से ज्यादा हीट प्रतीत होने लगते हैं तब ध्यान देकर हमें इनके स्विच को ऑफ करके तब उनके संचित हुए ताव से हमें आयरन करना पड़ता है और जब फिर उनके ताव कम हो जाते हैं तब फिर इन्हें ऑन भी करना पड़ता है इसलिए ये बहुत ही रिस्की आयरन होते हैं और जरा सी मिस्टेक हुयी नहीं कि हमारे कपड़े जल जाएंगे साथ ही ये आयरन बहुत ही सस्ते और भारी होते हैं लोग समझते हैं कि ये भारी हैं तो कपड़े पर अच्छे से बैठेंगे और आयरन अच्छे से होगा जबकि ऐसी कोई बात नहीं है, कपड़े सही से आयरन होने की गुणवत्ता सिर्फ-और-सिर्फ उसके ताव पर ही निर्भर करती है एक बात और ये कि जिन लोगों को जानकारी नहीं होती है वो लोग कम कीमत सोचकर इन्हीं को खरीद लेते हैं और फिर बाद में अपना नुकसान भी कर बैठते हैं आमतौर पर मार्केट में इसकी कीमत 300 रूपये से शुरू होती है वैसे जिन जगह पर बिजली में कम वोल्टेज होते हैं वहां पर इसका इस्तेमाल करना गलत नहीं माना जायेगा

ऑटोमेटिक आयरन  ➡  ये आयरन हमारे लिए बहुत ही अच्छा और सुरक्षित होता है



 इसमें एक ऑटोमैटिक वाला पार्ट एवं नोब लगा होता है इस नोब को हम अपने जरूरत के अनुसार घुमाकर एडजस्ट कर देते हैं और जब आयरन इस एडजस्ट किये हुए इतना गर्म हो जाता है तब इसका ऑटोमैटिक पार्ट सक्रिय हो जाता है और वो पावर सप्लाई को क्वाइल तक पहुँचने से रोक देता है यानि कि लाइन को डिस्कनेक्ट कर देता है जिससे कि क्वाइल तक सप्लाई पहुँच नहीं पाता है और वो हीट होना बंद हो जाता है जिससे कि हम एक सीमित ताव पर अपने कपड़े को आसानी से प्रेस कर सकते हैं फिर जब ताव धीरे-धीरे कम होने लगता है तब ऑटोमैटिक पार्ट फिर से सक्रिय हो जाता है तब इस बार क्वाइल को सप्लाई मिलना चालू हो जाता है जिससे कि फिर आयरन तय सीमा तक हीट हो जाता है और फिर उतना हीट होने के बाद बंद हो जाता है ये प्रक्रिया हमेशा ही चलती रहती है जिससे कि हमारे कपड़े को उतने ही ताव मिल पाते हैं जितना कि हम एडजस्ट किये होते हैं और यदि हमारा एडजस्टिंग सही होता है तो हमारे कपड़े सही से प्रेस होते हैं एवं उनके जलने की संभावना बहुत ही कम हो जाती है। हालांकि यदि हम एक ही जगह पर ज्यादा देर तक आयरन को टिकाये रखेंगे तो इस स्थिति में भी कपड़े जल सकते हैं आमतौर पर इस आयरन की कीमत 500 से शुरू होती है

👉 आयरन के इस्तेमाल से क्या-क्या नुकसान होते हैं?

ऊपर आपलोगों ने आयरन के फायदे तो जान ही लिए होंगे, लेकिन साथ-ही-साथ आपलोगों के इनके नुकसान के बारे में जान लेना भी जरूरी है। हालांकि ये नुकसान हमारे अपने गलतियों की वजह से भी हो सकते हैं या फिर टेक्निकल दिक्कतों की वजह से भी तो चलिए जानते हैं उन नुकसान के बारे में विस्तार से.....


 कपड़े का जल जाना  ⇰  ये तो आप ऊपर समझ ही गए होंगे कि जब भी आयरन करें तो उस समय आपका पूरा ही ध्यान इसी पर होना चाहिए। यदि आपने थोड़ा सा भी अपना धयान भंग किया तो कपड़े की जलने वाली बात से इंकार नहीं किया जा सकता है

इलेक्ट्रिक शॉक यानि झटका लगना  ⇰ कभी-कभार टेक्निकल दिक्कतों की वजह से या फिर जब हम गीले कपड़े आयरन कर रहे होते हैं तब हमें आयरन से झटके लग सकते हैं और वो झटका आपके लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है ये कहना मुश्किल है इसीलिए कोशिश करें कि बहुत जरूरी पड़ने पर ही गीले कपड़ों को आयरन करें और उस समय कपड़े को हाथ मत लगाएं और शरीर की किसी भी अंग से संपर्क न होने दें और रही टेक्निकल समस्या की बात तो इसके लिए पहले से ही सभी उपकरणों में आपके लिए इसके समाधान दिए होते हैं लेकिन जानकारी के अभाव में सामान्य लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं वो समाधान है भू-तार, इसके बारे में ज्यादा विस्तार पूर्वक जानने के लिए नीचे क्लिक करें

भू-तार क्या है और हमारे घर के वायरिंग में इसकी जरूरत क्यों है?


➤ बिजली बिल में भारी बढ़ोत्तरी  ➡  ये आयरन मुख्यतः 250-1000 वाट्स तक के होते हैं जो कि पंखे और बल्ब्स की तुलना में बहुत ही अधिक हैं और इसके बिल भी उन सभी के मुकाबले 10 से 50 गुना ज्यादा बैठते हैं साथ ही इनके इस्तेमाल के लिए हमारे घर के वायरिंग का भी मजबूत होना जरूरी है नहीं तो हमारे वायरिंग जल सकते हैं।

तो दोस्तों, ये था आज का हमारा पोस्ट, उम्मीद करता हूँ कि आपको पसंद जरूर आया होगा आप कमेंट के द्वारा अपना विचार जरूर दें हम जल्द ही अपने एक और नए और ज्ञानवर्धक पोस्ट के साथ हाजिर होंगे तब तक के लिए....

 ⇚⇚  बेस्ट ऑफ़ लक  


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